धनबाद, 28 नवंबर 2025: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद नर्मदा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में उस समय हड़कंप मच गया जब 19 नवंबर की देर रात सर्जिकल वार्ड में एक सियार घुस आया। वार्ड में मौजूद मरीज और स्टाफ ने जैसे-तैसे शोर मचाकर सियार को भगाया। गनीमत रही कि सियार ने किसी पर हमला नहीं किया और लाइट जलते ही तेजी से भाग निकला।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है – झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री **डॉ. इरफान अंसारी** का हैरान करने वाला बयान।
गोविंदपुर में एक निजी अस्पताल के उद्घाटन के दौरान मीडिया ने जब उनसे SNMMCH में सियार घुसने की घटना पर सवाल किया तो मंत्री जी ने कहा:
> “अब अस्पताल में बाघ घुसा दीजिएगा तो मेरी गलती है? मेरी जवाबदेही है क्या?
> शहर में बाघ घुसता है तो इसमें सरकार की गलती है क्या?
> गांव के अस्पताल में सांप-चूहा निकलता रहता है, इसमें डॉक्टर क्या कर सकता है?”
मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे “गैर-जिम्मेदाराना” और “हास्यास्पद” बता रहे हैं। ट्विटर पर #BaghGhusaDo ट्रेंड करने लगा है।
पताल की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
- – सियार सर्जिकल वार्ड के अंदर तक कैसे पहुंच गया?
- अस्पताल परिसर में जंगली जानवरों का आना-जाना आम बात?
- मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
मंत्री ने दी ये सफाई भी
विवादित बयान के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े-बड़े दावे भी किए:
– धनबाद को बहुत जल्द एक और नया मेडिकल कॉलेज मिलेगा, शिलान्यास जल्द।
– 11 साल से बंद पड़ा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल शुरू करने का प्रयास जारी।
– SNMMCH की जर्जर बिल्डिंग को पूरी तरह तोड़कर नई बिल्डिंग बनाई जाएगी।
– झारखंड में तीन नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।
जनता का गुस्सा
सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं:
– “सियार नहीं, शेर भी आ जाए तो मंत्री जी कहेंगे – जंगल है क्या?”
– “मरीज इलाज के लिए आते हैं या जंगल सफारी करने?”
– “ये बयान नहीं, सरकारी लापरवाही का सर्टिफिकेट है।”
फिलहाल SNMMCH प्रशासन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। लेकिन यह घटना एक बार फिर झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है।
