दुमका (झारखंड), 28 नवंबर 2025: साइबर ठगों की नई तरकीबें अब शिक्षित लोगों को भी नहीं बख्श रही हैं। ताजा मामला दुमका के संथाल परगना महिला महाविद्यालय के फिजिक्स असिस्टेंट प्रोफेसर अविनाश शरण का है। ठगों ने मुंबई पुलिस और CBI का डर दिखाकर उन्हें चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 15 लाख रुपए ठग लिए। साइबर ठगी डिजिटल अरेस्ट
कैसे हुई ठगी?
15 नवंबर को प्रोफेसर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को हर्षिका शर्मा बताते हुए TRAI की कर्मचारी कहा। उसने दावा किया कि प्रोफेसर के आधार कार्ड से एयरटेल सिम लिया गया है और उससे अवैध काम हो रहे हैं। इसके बाद कॉल को मुंबई पुलिस मुख्यालय ट्रांसफर करने के नाम पर व्हाट्सएप पर ले जाया गया। साइबर ठगी डिजिटल अरेस्ट
व्हाट्सएप पर खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि प्रोफेसर का नाम नरेश गोयल के साथ बड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा है। इसके बाद लगातार चार दिन तक दबाव बनाया गया:
– CBI जांच की बात कही गई
– बच्चों को हिरासत में लेने की धमकी दी गई
– राष्ट्रीय सुरक्षा में चूक का आरोप लगाया
– संपत्ति जांच के लिए मुंबई बुलाया गया
डर और मानसिक दबाव में आकर प्रोफेसर ने 19 नवंबर को अपने SBI खाते से RTGS के जरिए डिब्रूगढ़ (असम) के एक यस बैंक खाते में 15 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस में शिकायत दर्ज
ठगी का एहसास होने पर प्रोफेसर ने दुमका नगर थाना में लिखित शिकायत की। थाना प्रभारी जगन्नाथ धान ने बताया कि यह साफ-साफ डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड का मामला है। केस साइबर सेल और टेक्निकल सेल को भेज दिया गया है। जल्द ही खाते को फ्रीज करवाने और रकम वापस दिलाने की कोशिश की जाएगी।
ऐसे बचें डिजिटल अरेस्ट से
– असली पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी या पैसा नहीं मांगती
– व्हाट्सएप या स्काइप पर वर्दी दिखाने वाले ज्यादातर फर्जी होते हैं
– डर में आकर कभी पैसा ट्रांसफर न करें
– शक होने पर तुरंत 1930 या नजदीकी थाने में सूचना दें
शिक्षित व्यक्ति का भी शिकार होना बताता है कि साइबर ठग कितने शातिर हो चुके हैं।
