रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 6,450 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। यह चालू वित्त वर्ष का तीसरा अनुपूरक बजट है, जिसमें मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जरूरतों पर रखा गया है।
सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सड़कें, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तेज करने के लिए इस बजट का इस्तेमाल करने का लक्ष्य रखा है। विभागवार प्रमुख आवंटन इस प्रकार हैं:
- – ग्रामीण कार्य विभाग — 1,717.58 करोड़ रुपये (ग्रामीण सड़कें, पुल आदि पर फोकस)
- – महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग — 779 करोड़ रुपये (मंईयां सम्मान योजना सहित सामाजिक योजनाओं के लिए)
- – पंचायती राज विभाग — 658.56 करोड़ रुपये
- – ग्रामीण विकास विभाग — 594.88 करोड़ रुपये
ये आवंटन ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने और सामाजिक कल्याण योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से किए गए हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पूर्ण बजट सदन में पेश किया जाएगा।
विधानसभा कार्यवाही
23 फरवरी को अवकाश होने के कारण विधानसभा की कार्यवाही शनिवार को चलेगी। शनिवार को इसी अनुपूरक बजट पर बहस होगी और आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा।
विपक्ष की चिंता और सुझाव
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जदयू विधायक सरयू राय ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई विभागों में कार्य गति संतोषजनक नहीं है। वित्त विभाग ने 31 जनवरी तक सिर्फ 50% राशि ही खर्च की है, जबकि केंद्रीय सहायता प्राप्त करने की स्थिति भी कमजोर है। ऊर्जा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं, धनबाद में अवैध खनन और दामोदर नदी क्षेत्र की गतिविधियों की जांच की मांग की गई। साथ ही सारंडा वन क्षेत्र के अभयारण्य घोषणा की प्रगति पर जानकारी मांगी। विधायक ने सुझाव दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन से पहले संबंधित अधिकारियों की क्षमता का ठीक से आकलन किया जाए।
यह अनुपूरक बजट राज्य में विकास कार्यों को अंतिम तिमाही में तेज करने और ग्रामीण-आधारित योजनाओं को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
