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भारत बनेगा AI सुपरपावर: अडानी समूह का 100 अरब डॉलर निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से सेमीकंडक्टर तक बड़ा प्लान

New Delhi : भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अडानी समूह ने अगले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में 100 अरब डॉलर के निवेश की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और क्लाउड सेवाओं पर केंद्रित होगा।

समूह का उद्देश्य भारत में एक मजबूत AI इकोसिस्टम तैयार करना है, जो न सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करे बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर सके। तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और डेटा खपत को देखते हुए अडानी समूह बड़े पैमाने पर हाइपर-स्केल डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में है। इन डेटा सेंटरों को अक्षय ऊर्जा से संचालित किया जाएगा, जिससे लागत में कमी के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहेगा।

AI और मशीन लर्निंग मॉडल के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए समूह हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेगा। इसके तहत एडवांस्ड सर्वर, चिप टेक्नोलॉजी और क्लाउड प्लेटफॉर्म में निवेश किया जाएगा, ताकि भारत में विकसित AI मॉडल वैश्विक स्तर के हों।

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सेमीकंडक्टर निर्माण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। भारत लंबे समय से चिप निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रयासरत है। अडानी समूह की योजना देश में अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयां स्थापित करने की है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इससे आयात पर निर्भरता कम होगी और लाखों रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

ग्रीन एनर्जी इस पूरे प्लान का अहम हिस्सा है। डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर अत्यधिक बिजली की खपत करते हैं। ऐसे में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं के जरिए स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भारत की कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की प्रतिबद्धता को भी बल मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निवेश योजना समयबद्ध तरीके से लागू होती है तो भारत AI रिसर्च, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल सेवाओं में विश्व के अग्रणी देशों की श्रेणी में आ सकता है। इससे विदेशी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा और भारत वैश्विक टेक सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।

डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को इस निवेश से नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। अडानी समूह का यह कदम संकेत देता है कि निजी क्षेत्र भी भारत को AI और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए तैयार है।

यदि यह योजना सफल होती है तो आने वाले दशक में भारत न सिर्फ टेक्नोलॉजी उपभोक्ता बल्कि टेक्नोलॉजी निर्यातक देश के रूप में उभरेगा। AI सुपरपावर बनने की दिशा में यह निवेश एक निर्णायक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

Ranchi reporter

http://ranchireporter.com

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