प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को रमजान की दीं शुभकामनाएं, समाज में एकता और शांति की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रमजान के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एकता और शांति का संदेश दिया. राहुल गांधी ने भी रमजान की बधाई दी, वहीं जामा मस्जिद से पवित्र महीने की आधिकारिक घोषणा हुई.
गुरुवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू होने पर देशभर में उत्साह का माहौल है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को रमजान की हार्दिक बधाई दी. पीएम मोदी की यह शुभकामना रमजान के पहले रोजे से एक दिन पहले आई है, जिससे देश में सद्भाव और भाईचारे का संदेश मजबूत हुआ है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि ‘रमजान मुबारक. यह पवित्र महीना हमारे समाज में एकता की भावना को और बढ़ाए. हर जगह शांति और खुशहाली हो.’
राहुल गांधी ने भी दी बधाई
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी रमजान पर बधाई दी. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा कि ‘रमजान मुबारक. यह पवित्र महीना सभी के लिए शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता है.’ दोनों नेताओं की शुभकामनाओं से राजनीतिक दलों के बीच भी सद्भाव का संदेश गया है.
जामा मस्जिद से रमजान का ऐलान
इससे पहले दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने ऐलान किया कि पूरे देश में गुरुवार से रमजान का पवित्र महीना शुरू होगा. चंद्रमा दिखने की पुष्टि के बाद यह घोषणा की गई. रमजान इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है, जिसमें मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं, नमाज पढ़ते हैं और कुरान की तिलावत करते हैं. यह महीना रहमत (दया), मगफिरत (माफी) और नजात (मोक्ष) का महीना माना जाता है.
रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय में इफ्तार और सहरी की परंपरा विशेष रूप से देखी जाती है. लोग गरीबों को दान देते हैं, तरावीह की नमाज अदा करते हैं और कुरान की खतम करते हैं. इस महीने में चैरिटी और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जाता है. दिल्ली के एक स्थानीय निवासी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “माशाल्लाह, यह रमजान का महीना है, और रमजान अच्छाई और बरकत का महीना है. इस मुबारक महीने का पहला हिस्सा रहमत है, दूसरा माफी है और तीसरा मोक्ष का रास्ता है. एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि ‘यह इबादत के लिए बहुत मुबारक महीना है. इसमें अमीर-गरीब सब रहते हैं. इसमें अल्लाह बरकत देता है. इसमें सब खाते-पीते हैं और हम इसमें इबादत करते हैं.
