नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण पूरा कर लिया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस व्यापक अभियान के तहत लाखों अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। आयोग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना तथा फर्जी और दोहरे मतदान की आशंका को समाप्त करना है।
आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा नाम गुजरात में हटाए गए हैं। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए। पहले राज्य में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 थी, जो अब घटकर 4,40,30,725 रह गई है। यह लगभग 13.40 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। 6 राज्यों में एसआईआर पूरा, गुजरात में 68 लाख से अधिक मतदाता नाम हटे
मध्य प्रदेश में 34,25,078 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 से घटकर 5,39,81,065 रह गई। राजस्थान में 31,36,286 नामों की कटौती के बाद मतदाता संख्या 5.46 करोड़ से घटकर 5.15 करोड़ पर पहुंच गई है। यह भी पढ़ें : फर्जी YONO अधिकारी बनकर ठगी करने वाले शातिर गिरोह का जामताड़ा से खुलासा
छत्तीसगढ़ में 24,99,823 नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता संख्या 2,12,30,737 से घटकर 1,87,30,914 हो गई। केरल में 8,97,211 नाम सूची से हटाए गए और अब वहां कुल मतदाता संख्या 2,69,53,644 रह गई है। गोवा में 1,27,468 नामों की कमी दर्ज की गई।
केंद्र शासित प्रदेशों में भी सुधार अभियान जारी रहा। पुडुचेरी में 77,367, अंडमान-निकोबार में 52,364 और लक्षद्वीप में 206 नामों में बदलाव दर्ज किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े नेट बदलाव को दर्शाते हैं, जिसमें हटाए गए नामों में से नए जुड़े मतदाताओं की संख्या घटाई गई है।
नाम हटाने के प्रमुख कारणों में मतदाता की मृत्यु, स्थायी स्थानांतरण, एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण और पात्रता संबंधी अन्य विसंगतियां शामिल हैं। आयोग ने बताया कि यह प्रक्रिया 12 राज्यों में चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है।
अब उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों के आंकड़ों का इंतजार है। इन राज्यों का डेटा इस महीने के अंत तक जारी होने की संभावना है। एसआईआर का अगला चरण अप्रैल में शुरू होगा, जिसके तहत देशभर में मतदाता सत्यापन अभियान और तेज किया जाएगा।
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